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Kabir Prakat Diwas Not Jayanti

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 परमेश्वर कबीर जी का प्रकट दिवस जयंती नहीं--  आज तक हम सभी यह सुनते आए हैं की हर किसी की जयंती मनाई जाती है जिसका जन्म होता है उस जन्मदिन पर जयंती मनाई जाती है लेकिन अब हम एक नई बात सुन रहे हैं कि कबीर साहेब जी का प्रकट दिवस 5 जून 2020 को है नई बात यह है कि कबीर साहिब जी का प्रकट दिवस मनाया जाता है जी हां दोस्तों यह बात नई नहीं है बल्कि यह बात गुप्त थी जो जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने सबके सामने उजागर कर दी वेदों में बहुत जगह पर परमेश्वर कबीर साहिब जी को पूर्ण परमात्मा बताया गया है और पूर्ण परमात्मा की विशेषताओं में यह भी बताया गया कि पूर्ण परमात्मा अपने लोक सतलोक से सशरीर आकर बालक रूप में कमल के फूल पर प्रकट होते हैं इसलिए उस दिन को प्रकट दिवस के रूप में मनाया जाता है यह बात हमें नयी इसलिए लग रही है क्योंकि आज तक हम अपने ही पवित्र शास्त्रों से रूबरू नहीं हुए थे अर्थात अपने ही धर्म के शास्त्रों की हमें जानकारी नहीं थी यह जानकारी संत रामपाल जी महाराज जी ने हमें दी है संत रामपाल जी महाराज ने हमारे शास्त्रों की गुप्त रहस्य को संत जी द्वारा लिखी हुई पुस्तकें "ज...

Deep knowledge of god kabir

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परमेश्वर कबीर साहेब का अमृत ज्ञान-  कबीर,और ज्ञान सब ज्ञानड़ी कबीर ज्ञान सो ज्ञान जैसे गोला तोब का करता चले मैदान कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान वास्तव में सब ज्ञान में सर्वश्रेष्ठ हैं जिसको तत्वज्ञान कहते हैं इस तत्वज्ञान में परमेश्वर कबीर साहिब जी ने बताया कि मैंने ही   हिरण्यकश्यप से प्रह्लाद को बचाए रखा और द्रौपदी की लाज भी मैंने ही रखी               पूर्ण परमात्मा साकार है- कबीर साहेब जी ने बताया कि परमात्मा साकार है और शास्त्रों में भी ऐसा ही लिखा हुआ है

कबीर प्रभु की लीलाएँ

रामानंद जी को तत्व ज्ञान उपदेश-  काशी में रामानंद जी एक धार्मिक ब्राह्मण थे और शास्त्रों के ज्ञाता जाने जाते थे उन्होंने 52 जगह पर अपने ऋषि शिष्यों को ज्ञान प्रचार के लिए रखा हुआ था और वे हमेशा रामानंद जी द्वारा दिए हुए ज्ञान का प्रचार करते थे उस समय परमेश्वर कबीर साहिब जी सन 1398 ईसवी में कमल के फूल पर बालक रूप में सतलोक से आकर विराजमान हुए थे लीला मय आयु में जब कबीर साहिब जी 5 वर्ष के हुए थे तो 104 वर्ष के रामानंद जी को मानसिक पूजा में मन की बात बता कर यह साबित कर दिया था कि कबीर साहेब परमात्मा ही थे इसके बाद कबीर साहिब जी ने उनको सतलोक लेकर गए पूरे सतलोक का नजारा दिखाया तो रामानन्द जी मान गए कि कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा है फिर गुरु परंपरा को कायम रखने के लिए कबीर साहिब जी ने कहा कि आप मेरे गुरु बने रहेंगे और साधना जो मैं बताऊंगा वही करोगे रामानंद जी ने ऐसा ही किया सर्वानंद को कबीर साहिब जी द्वारा आपनी शरण में लेना - सर्वानंद ब्राह्मण होने के नाते अपने आपको सभी वेद पुराण आदि शास्त्रों का ज्ञाता मानता था लेकिन वास्तविक तत्वज्ञान उनको नहीं था सर्वानंद जी की माता कबीर स...

मृत गाय को जीवित करना

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मृत गाय को कबीर साहिब जी द्वारा जिंदा करना- परमेश्वर कबीर साहिब जी की बढ़ती प्रसिद्धि को देखकर समाज को भ्रमित करने वाले काजी मुल्लाओ ने दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोदी को जाकर सच्ची झूठी बातें कहने लगे की कबीर अपने मुसलमान धर्म की तोहीन करता है और अपने आप को अल्लाह बताता है इस पर मुस्लिम शासक सिकंदर लोदी भड़क गया और कबीर साहब को पकड़ने के लिए 10 सिपाही भेजे और कबीर साहब को पकड़ कर लाए और कबीर साहब को कहता है कि क्या तुम अल्लाह हो! मैं गाय को मारता हूं आप जीवित कर सकते हो क्या यह कहकर उसने गर्भवती गाय के दो टुकड़े कर दिए तब कबीर साहिब जी ने कहा कि गाय हिंदू और मुसलमानों दोनों की माता है क्योंकि यह दूध देती है इस पर हमें कभी तलवार नहीं चलानी चाहिए यह कहते हुए कबीर साहिब जी ने गाय को जीवित कर दिया तथा बछड़े को भी जीत कर दिया और दूध की बाल्टी भर दी भैंसे से वेद मंत्रों का उच्चारण करवाना - एक बार तोतापुरी में कबीर परमेश्वर अपने गुरु जी रामानंद जी के साथ गए थे वहां पर बहुत सारे ब्राह्मण आए हुए थे उस समय जाति प्रथा बहुत ही थी और पाखंडी ब्राह्मण बहुत जातिवाद करते थे उन्होंने सोचा कि क...